गुड़गांव, जुलाई 21 -- गुरुग्राम। प्रदेश के पहले खेल हॉस्टल के दरवाजे बंद हुए एक दशक बीत गया। वर्ष 2015 में खेल हॉस्टल का गेट बंद किया गया था। एक दशक में इस हॉस्टल की जर्जर बिल्डिंग को नया बनाने के लिए दावे बहुत हुए लेकिन नई बिल्डिंग बनना संभव नहीं हो सका। अंतरर्राष्टि्य स्तर पर हरियाणा के खिलाड़ियों की पदक संख्या देखकर नेताओं के भाषणों में जोश होता है और खेलों को बढ़ावा देने के दावे बहुत करते हैं लेकिन जमीनी स्तर पर सच्चाई कुछ ओर ही होती है। कोई इस पर ध्यान नहीं देता है कि सुविधा है या नहीं। जब वर्ष 2015 में हॉस्टल बदं किया गया, तो कहा गया था कि हॉस्टल की बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है और जल्द नई बिल्डिंग बनाकर खेल हॉस्टल फिर शुरू किया जाएगा। आज एक दशक बाद कोई सुध लेने वाला नहीं है। इस खेल हॉस्टल में हॉकी, एथलेटिक, जिमनास्टिक, वालीबॉल की अकादमी ...
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