शाहजहांपुर, फरवरी 20 -- विकास की सीढ़ी में वैज्ञानिक शोध एवं अनुसंधान जरूरी होता है। वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित ढंग से कार्य करने से चतुर्दिक विकास के रास्ते खुलते हैं। प्रदेश सरकार ने जैव प्रौद्योगिकी संगठनात्मक ढांचा एवं क्षमता विकास से कृषि, उद्योग, खाद्यान्न व पोषक तत्व प्रबन्ध चिकित्सा व स्वास्थ्य पर्यावरण एवं ऊर्जा के क्षेत्र में जैव प्रौद्योगिकी योजना प्रदेश में संचालन किया है। शोध एवं विकास परियोजनाओं के साथ-साथ इस योजना के अन्तर्गत उ.प्र. जैव प्रौद्योगिकी नीति उ.प्र. जैव प्रौद्योगिकी बोर्ड, बायोटेक पार्क, लखनऊ एवं बायोटेक नेटवर्किंग फैसिलिटी केन्द्र, लखनऊ जैसी वृहद योजनाएँ प्रदेश में विकसित की गयी है।
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