नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी के साथ ही दिल्ली की हवा में इससे होने वाले प्रदूषण की हिस्सेदारी भी बढ़ गई है। डिसीजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक, मंगलवार को इस सीजन में पहली बार दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं की हिस्सेदारी पांच फीसदी से ऊपर पहुंची है। पंजाब-हरियाणा समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में धान की फसल काटने के बाद उसके बचे-खुचे हिस्से को खेत में ही जला देने की प्रवृत्ति रही है। बड़े पैमाने पर लगाई जाने वाली इस आग का धुआं पूरे उत्तर भारत के आसमान पर छा जाता है और हवा की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती है। ऐसे में पराली को जलाने से रोकने के तमाम उपाय किए जाते हैं। देश के छह राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं पर निगाह रखी जाती है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनुसार इस सीजन में 15...
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