फरीदाबाद, अप्रैल 4 -- फरीदाबाद। उपायुक्त विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदूषण और पराली जलाने की समस्या से बचने के लिए किसानों को चाहिए कि वे कम समय में तैयार होने वाली धान की किस्मों की खेती करें। शुक्रवार को जारी बयान में उन्होंने पूसा-44 जैसी लंबे समय में पकने वाली किस्मों की जगह पर कम पराली वाली फसलें लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से हवा में प्रदूषण बढ़ता है, जिससे पूरे एनसीआर क्षेत्र में सांस लेने में दिक्कत होती है। इसलिए किसानों को चाहिए कि वे ऐसी किस्में चुनें जो जल्दी तैयार हो जाएं और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान की मदद से एनसीआर के लिए कुछ कम अवधि वाली किस्मों की सिफारिश भी की गई है। सरकार फसल अवशेष प्रबंधन के लिए हर संभव उपाय कर रही है।
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