बागपत, अक्टूबर 29 -- जनपद की आबोहवा में सुधार होता नजर नहीं आ रहा है। सूक्ष्म कणों की तादाद ओर अधिक बढ़ गई है। खतरनाक केमिकल भी हवा में घुल गए हैं। नतीजा यह कि लोग घरों-दफ्तरों से बाहर निकलते ही खांस रहे हैं। गैसों की अधिकतम मौजूदगी कहीं खराब, तो कहीं बहुत खराब है। हर इलाके का यही हाल है। मंगलवार को एक्यूआई 250 दर्ज हुआ, जिसके चलते अस्थमा रोगी परेशान बने रहे। दीवाली पर हुई आतिशबाजी के बाद बिगड़ी आबोहव अभी तक सुधर नहीं पाई हैं। वाहनों की अधिक आवाजाही से कार्बन मोनो आक्साइड की मौजूदगी भी वातावरण में बढ़ गई है। प्रदूषित हवा लोगों के फेफड़ों पर बुरा असर डाल रही है। सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच रहे सूक्ष्म, धूल और रसायनिक कण गला और श्वसन तंत्र को खराब कर रहे हैं। इसका परिणाम यह कि लोग खुली हवा में सांस नहीं ले पा रहे। सांस लेते ही तेज खांसी शुरू ह...