हरदोई, दिसम्बर 16 -- हरदोई। निराश्रित गौवंश संरक्षण को नई दिशा देते हुए जनपद के प्रत्येक विकास खंड में मॉडल पशु आश्रय स्थल विकसित किए जाएंगे, जहां संरक्षण के साथ-साथ आय सृजन की व्यवस्था भी की जाएगी। जिला मूल्यांकन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में जिलाधिकारी अनुनय झा ने चिन्हित आश्रय स्थलों में गोबर व गोमूत्र से जैविक उर्वरक, गोकाष्ट, दीपक, धूपबत्ती सहित अन्य उत्पादों का निर्माण करने के निर्देश दिए हैं। इससे गौशालाएं आत्मनिर्भर बन सकें। अधिकारियों ने बताया कि गोबर-गोमूत्र आधारित उत्पादों से होने वाली आय का उपयोग पशु आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर करने में किया जाएगा। इससे न केवल निराश्रित गौवंश को सुरक्षित और स्थायी आश्रय मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बैठक में टैग चारागाहों में शत-प्रतिशत हरा चारा बुवाई कर...
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