अयोध्या, दिसम्बर 28 -- अयोध्या, संवाददाता। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र द्वारा आयोजित द्वितीय प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह के मंच पर प्रस्तुत रामलीला परंपरा से हटकर विशेष आकर्षण का केंद्र होगी| दो दिवसीय मंचन में प्रसंग रामचरितमानस व वाल्मीकि रामायण के होंगे किंतु प्रस्तुतिकरण गायन एवं नृत्य अति विशिष्ट शैली में होगा । देश में परंपरागत रूप से होने वाली गद्य संवाद शैली की रामलीलाओं से यहां प्रस्तुत की जाने वाली रामलीला में अलग नृत्य एवं गायन संवाद को प्रमुखता दी गई है। वाद्य यंत्रों की मद्धिम पार्श्व ध्वनि के साथ कलाकारों का गीतमय संवाद अपने आप में अनोखी प्रस्तुति होगी| 40 सदस्यीय मंचन टीम में शास्त्रीय एवं सामान्य प्रचलित संगीत का मिश्रण किया गया है। अंगद टीला परिसर में बने समारोह मंच पर 29 व 30 दिसंबर को गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्याल...