इटावा औरैया, जनवरी 1 -- गुरुवार को नववर्ष के पावन अवसर पर श्री पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में नववर्ष स्वागत समागम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भक्ति व आनंद से परिपूर्ण धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। प्रातः बेला में अभिषेक का आयोजन किया गया, जिसे राजकमल-चिराग जैन परिवार द्वारा गुरु भक्ति भाव से संपन्न कराया गया। मुनि श्री विश्वास सागर जी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में भक्तों को जीवन में परिवर्तन लाने के लिए प्रेरणादायी विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने कहा- ममता को अपनाया और समता को ठुकराया, इसी कारण जीव भव-भव में भटकता रहता है। पूर्ण समता की प्राप्ति होने पर ही केवलज्ञान की प्राप्ति संभव है।" मुनि श्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में तो सभी समता रखते हैं, किंतु प्रतिकूलता में भी जिसकी समता बनी रहती है, उसी जीव का कल्याण निश्चि...