कानपुर, नवम्बर 10 -- कानपुर। कानपुर इतिहास समिति ने गोविंद नगर में संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें गणेश शंकर विद्यार्थी जी के प्रकाशित प्रताप पत्र की चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि प्रताप पत्र पत्रकारिता का पर्याय था और कांग्रेस आंदोलन के साथ-साथ क्रान्तिकारियों का मसीहा पत्र था। समिति ने प्रताप के विशेषांक को पुनर्प्रकाशन करने की घोषणा की। इस अवसर पर डॉ सुमन शुक्ला बाजपेई ने शताब्दी पुराना प्रताप का कानपुर कांग्रेस विशेषांक प्रस्तुत किया। यहां विश्वंभरनाथ त्रिपाठी, अनूप कुमार शुक्ल, डॉ जितेन्द्र सिंह, शुभम त्रिपाठी, डॉ नीलम शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
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