कोडरमा, जून 25 -- डोमचांच, निज प्रतिनिधि। प्रखंड मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर सुदूरवर्ती क्षेत्र ढोंढाकोला के नलवा बिरहोर टोला के आदिवासी बिरहोर परिवार आज भी आदिम जीवन जीने को मजबूर हैं। सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं से दूर ये परिवार घास-फूस और पत्तों की झोपड़ियों में रहने को विवश हैं। करीब 20 से 25 घरों में लगभग 80 की आबादी वाले इस टोले में अधिकांश परिवार ऐसे हैं जिनके पास पक्के घर नहीं हैं। बरसात, गर्मी और ठंड तीनों मौसम इन झोपड़ियों में झेलना इनकी नियति बन चुकी है। झोपड़ियाँ इतनी छोटी हैं कि एक व्यक्ति ठीक से खड़ा भी नहीं हो सकता। बावजूद इसके, परिवारजन बच्चों और बुजुर्गों के साथ इन्हीं झोपड़ियों में गुजर-बसर कर रहे हैं। बुनियादी सुविधाओं से वंचित स्थानीय लोगों का कहना है कि नलवा बिरहोर टोला में न तो पक्की सड़क है, न ही स्वास्थ्...
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