बदायूं, जून 11 -- बिल्सी, संवाददाता। गांव गुधनी में चल रहे यज्ञ महोत्सव 2025 के समापन पर सोमवार की रात कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें देश भर से पधारे कवियों ने सुंदर रचनाए पढ़ी। आचार्य संजीव रूप ने वैदिक स्तुति की। कवियित्री डॉ सोनरूपा विशाल ने सुरीले कंठ में सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। गाजियाबाद से पधारे डॉ जयप्रकाश मिश्रा ने हास्य व्यंग की रचना पढ़ी, अगर हो प्यार सच्चा तो उम्र मायने नहीं रखती...। मुरैना से पधारे हास्य व्यंग के कवि मुरेनवी ने सुनाया, नेताजी को कुत्ते पालने का भारी शौक था, इसीलिए उस कुत्ते को शहर में भारी खौफ था...। कानपुर से आये गीतकार राधेश्याम मिश्रा ने पढ़ा, जिसका लक्ष्य बड़ा होता है, आगे वही खड़ा होता है...। डॉ. सोनरूपा विशाल ने सुनाया, दर्द का आकलन नहीं होता...। आचार्य संजीव रूप, वरिष्ठ गीतकार नरेंद्र गरल, कार्यक...
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