मोतिहारी, दिसम्बर 14 -- मोतिहारी, हिन्दुस्तान संवाददाता। किसानों को कीट व्याधि प्रबंधन के प्रति जागरूक करने को स्थापित पौधा संरक्षण केंद्र बदहाली के दौर से गुजर रहा है। फसलों पर कीटनाशी छिड़काव के लिए खुले पौधा संरक्षण केंद्र पर न स्टॉफ हैं और न छिड़काव की कोई मशीन व उपकरण। जिले के 15 ब्लॉक में खुले पौधा संरक्षण केंद्र महज कागजी साबित हो रहे हैं। इन केंद्रों से कोई भी लाभ किसानों को नहीं मिल रहा है। जबकि कुछ बचे खुचे जो स्टाफ रह गए हैं, उनके वेतन पर सरकार का प्रति माह हजारों रुपए खर्च हो रहे हैं। पौधा संरक्षण केंद्र पर स्वीकृत पद 46 के विरुद्ध सिर्फ 4 स्टॉफ : पौधा संरक्षण केंद्र पर स्वीकृत पद 46 है। लेकिन वर्तमान में मात्र 4 स्टॉफ कार्यरत हैं। प्रत्येक केंद्र पर कामदार 2, फील्ड ऑपरेटर व प्लांट प्रोटेक्शन सुपरवाइजर का 1-1 पद सृजित है। लेकि...