पौड़ी, जून 15 -- जिले के पाबौ ब्लाक का एक छोटा-सा गांव ग्वाड़ीगाड़ पूरे क्षेत्र में मत्स्य ग्राम के नाम से पहचाना जाने लगा है। यहां के छह किसानों ने मिलकर जो काम किया है, वह न केवल स्वरोजगार का नया रास्ता खोलता है, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है। गांव के किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ व्यवस्थित और वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन कर रहे हैं। गांव में कुल 36 मछली तालाब तैयार किए गए गये हैं, जिनमें तिलापिया और पंगास जैसी अधिक उत्पादन देने वाली मछलियों का पालन किया जा रहा है। इस कार्य को गांव में छह सदस्यों द्वारा क्लस्टर आधारित पर किया जा रहा है, जिन्होंने नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन से ऋण प्राप्त कर अपने सपनों को आकार दिया। इस पूरी पहल की शुरुआत गांव के युवा किसान विपिन पंत ने वर्ष 2022 में एक छोटे से ताला...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.