सिमडेगा, फरवरी 12 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो गया है। पिछले कई महीनों से पोषाहार की राशि का भुगतान नहीं होने के कारण जिले की 967 सेविकाएं और सहायिकाएं भारी मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं। आलम यह है कि 24 हजार बच्चों को कुपोषण से बचाने की जिम्मेदारी निभाने वाली सेविकाएं अब खुद कर्ज के बोझ तले दब गई हैं। जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित 3 से 6 वर्ष तक के करीब 24,000 बच्चों को मीनू के अनुसार अंडा, हलवा, बादाम, गुड़ और खिचड़ी खिलाना अनिवार्य है। राशि के अभाव में सेविकाओं को अपनी जेब से या स्थानीय दुकानदारों से दस से 15 हजार रुपये तक का राशन उधार लेना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते बकाये के कारण अब दुकानदारों ने भी राशन देने में आनाकानी शुरू कर दी है। जिससे केंद्रों के संचालन पर संकट...