दरभंगा, दिसम्बर 9 -- बैग निर्माण परंपरागत व्यवसाय रहा है। कपड़ा, चमड़ा, जूट, खादी आदि से उद्यमी बैग बनाते हैं। पेपर बैग निर्माण से तो हजारों महिला उद्यमी जुड़ी हैं। रचना झा, प्रीति देवी आदि बताती है कि पॉलीथिन कैरी बैग के कारण पेपर बैग पिछड़ा है। जिले में जब भी प्लास्टिक बैन नियम का सख्ती से पालन होता है, डिमांड बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि सिंगल यूज प्लास्टिक को बंद करने का बेहतर विकल्प पेपर बैग है। जिला प्रशासन मेडिकल स्टोर, बेकरी, मिठाई की दुकान, कपड़े की दुकान, मोबाइल शॉप आदि जगहों पर पॉलीथिन उपयोग बैन कर दे तो पेपर बैग छा जाएगा। उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी इको फ्रेंडली चीजें पसंद करती है। पॉलीथिन के खिलाफ प्रशासनिक सख्ती होगी तो अन्य लोग भी पेपर बैग उपयोग करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे घरेलू महिला उद्यम बढ़ेगा।
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