बरेली, अगस्त 8 -- देश को अलग-अलग सेक्टर में बड़ी संख्या में काबिल इंजीनियर देने वाले पॉलीटेक्निक पाठ्यक्रमों से जहां प्रवेश के लिए कभी मारामारी होती थी छात्र अब उसी से दूरी बना रहे हैं। इसका अंदाजा चार चारण की पॉलिटेक्निक की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी एडमिशन में आई गिरावट से लगाया जा सकता है। इसका मुख्य कारण इंडस्ट्री आधारित नए पाठ्यक्रम न होने के साथ ही तीन साल तक इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों में पढ़ाई के बाद भी नौकरी न मिलना मुख्य वजह माना जा रहा है। जिन्हें नौकरी मिल भी रही है तो उन्हें उम्मीद के मुताबिक सैलरी न मिलने के कारण छात्र प्रवेश लेने से कतरा रहे हैं। प्रदेश के कुल 441 पॉलिटेक्निक संस्थानों की कुल 148534 सीटों में से अब तक केवल 62513 छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। चार चरणों की काउंसिलिंग बीत चुकी है, लेकिन अब भी करीब 86021...
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