मुजफ्फरपुर, अगस्त 13 -- मुजफ्फरपुर, सोमनाथ सत्योम। पॉलिएस्टर के बाजार में आने से खादी के झंडे की मांग आधी से भी कम हो गई है। इससे जिले के कतिन, बुनकर, रंगरेज और दर्जी प्रभावित हो रहे हैं। उनके लिए इस सीजन में काम की कमी हो गई है। पहले स्वतंत्रता दिवस पर अपने जिलों के अलावा दूसरे जिले और राज्य के बाजार में मुजफ्फरपुर ग्रामोद्योग में बने खादी के झंडे, टोपी और रस्सी की मांग रहती थी। यहां से झंडा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, यूपी, असम आदि राज्यों को भेजा जाता था। बीते दो साल से मुजफ्फरपुर ग्रामोद्योग को एक भी झंडा, टोपी और रस्सी का ऑर्डर दूसरे राज्यों से नहीं मिला है। ऐसे में मुशहरी, कुढ़नी, कांटी, सकरा, बोचहां आदि प्रखंड के 150 से अधिक कतिन, बुनकर, रंगरेज, दर्जी प्रभावित हुए हैं। 25 हजार से अधिक झंडा होता था तैयार : मुजफ्फरपुर खादी ग्रामोद्योग ...
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