बस्ती, मई 18 -- बस्ती, निज संवाददाता। लाइलाज एड्स बीमारी का नाम सुनते लोग सिहर जाते हैं। चूंकि इस बीमारी को कोई ठीक करने वाली दवा बनी नही है। नहीं कोई इंजेक्शन है। बस, इससे बचाव ही एक रास्ता है। जागरूकता से इस गंभीर बीमारी से खुद के साथ दूसरे को बचा सकते हैं। लेकिन, जिले में संख्या लगातार बढ़ रही, जो चिंता का विषय है। हालांकि, एक रिपोर्ट सुखद है जो पॉजिटिव मां से पैदा हुए 350 बच्चे में से दो को छोड़ 348 निगेटिव हुए। ऐसा तब हुआ, जब शुरू से दवा चली और लगातार वह फालोअप में हैं। जिले में 5465 एड्स रोगी पंजीकृत हुए हैं। इसमें से 2565 की दवा चल रही। 113 दवा खाने से इनकार करते हुए छोड़ दिए। 1233 लोगों ने शहर छोड़ दूसरे जगह शिफ्ट हो गए। वहीं 171 की मौत हो गई है। जिला अस्पताल एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी महेश प्रसाद का कहना है कि एड्स एक गंभीर बीमा...
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