नई दिल्ली, जून 18 -- नई दिल्ली, प्र.सं.। हाई कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के मामले में एक आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने सितंबर 2020 में निचली अदालत द्वारा आरोपी को बरी करने के निर्णय को सही बताया है। पीठ ने कहा कि यह सामान्य कानून है कि किसी को बरी करने के खिलाफ दायर की गई अपील में केवल तभी हस्तक्षेप करना चाहिए जब ऐसा करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हों। पीठ ने कहा कि नाबालिग लड़की एवं उसके माता-पिता के बयानों में विसंगतियां पाए जाने के बाद आरोपी को बरी किया गया है। पीठ ने कहा कि नाबालिग ने भी यौन उत्पीड़न के आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि आरोपी ने उसे केवल थप्पड़ मारा था।
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