देहरादून, मार्च 1 -- श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के कॉर्डियोलॉजी विभाग में एक 65 वर्षीय महिला मरीज़ के पैर और फेफड़ों के खून के थक्के के इलाज के लिए पेनुम्ब्रा अत्याधुनिक तकनीक (लाइटनिंग फ्लैश) का उपयोग कर इलाज किया गया। डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) प्रोसीजर के द्वारा महिला के पांव की नसों से थ्रॉम्बोसिस निकाला गया। प्रोसीजर के बाद महिला स्वस्थ है और उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है। महिला को पैरों में भारी सूजन और असहनीय दर्द की शिकायत थी। पैर और फेफड़ों में खून के थक्के (क्लॉट) होने की वजह से उनका चलना फिरना मुश्किल हो गया था। प्रमुख इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट एवं कैथ लैब डायरेक्टर डॉ. तनुज भाटिया ने अमेरिका और यूरोप के कई देशों में उपयोग हो रही नवीनतम मिनिमली इनवेसिव तकनीक लाइटनिंग फ्लैश कैथेटर का उपयोग किया। उधर, कॉर्डियोलॉजी विभाग के विशे...
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