नई दिल्ली, दिसम्बर 22 -- दिल्ली का पलूशन अब पैदल चलने वाले या मॉर्निंग-इवनिंग वॉक करने वालों पर ज्यादा प्रभाव डाल रहा है। एक नए पांच साल के अध्ययन में यह बात सामने आई है कि प्रदूषण का असर पुरुषों और महिलाओं पर अलग-अलग होता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि वे किस तरह की शारीरिक गतिविधि कर रहे हैं और दिन के किस समय बाहर हैं। अध्ययन के अनुसार, दिल्ली की सड़कों के किनारे चलने वाले पुरुष सबसे अधिक जहरीली हवा सांस के जरिए अंदर लेते हैं। नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी की ओर से किए गए इस अध्ययन में 2019 से 2023 के बीच प्रदूषण के आंकड़ों की जांच की गई। इसमें 'रेस्पिरेटरी डिपोजिशन डोज' (RDD) की गणना की गई, जिसका अर्थ है प्रदूषण के कणों की वह मात्रा जो वास्तव में फेफड़ों में जमा होती है। यह शोध 28 नवंबर को प्रसिद्ध 'नेचर' (Nature) जर्नल मे...