नई दिल्ली, फरवरी 21 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने अहम फैसले में कहा है कि पैतृक या विरासत में मिली संपत्ति प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत कुर्की की कार्रवाई से मुक्त नहीं है। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रवींदर डुडेजा की डिवीजन बेंच ने टिप्पणी की कि मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई में कुर्की के मामलों में पैतृक या विरासत में मिली संपत्तियों के लिए कानून में कोई अपवाद नहीं है। हाईकोर्ट ने पीएमएलए के तहत अपीलीय न्यायाधिकरण के 2025 के आदेश के खिलाफ एक व्यक्ति द्वारा दायर अपील पर फैसला सुनाया, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा सैनिक विहार में उसकी संपत्ति की अस्थायी कुर्की की पुष्टि को बरकरार रखा गया था। यह भी पढ़ें- सहमति से बने शारीरिक संबंधों को रिश्ता बिगड़ने पर दुष्कर्म बताना गलत : दिल्ली HC यहां जिस प्रॉपर्टी की बात हो रही...