चतरा, जनवरी 4 -- चतरा संवाददाता एक तरफ झारखंड के आदिवासी पेशा कानून लागू होने से खुश हैं। उनके जल, जंगल, जमीन तथा उनकी सभ्यता संस्कृति की रक्षा होगी, वहीं दूसरी ओर चतरा जिला को पेसा कानून की सूची से बाहर रखने से चतरा जिला के आदिवासी सरकार से काफी नाराज है। भोक्ता को आदिवासी सूची में शामिल होने के बाद आदिवासियों की संख्या काफी बढ़ गई है। फिर भी चतरा जिला को सूची से बाहर रख कर चतरा वासियों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। महेश बांडो, जनसंघर्ष मोर्चा के सचिव राज्य के मुख्यमंत्री आदिवासी समाज के हैं और आदिवासियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे हैं जो किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। चतरा जिला में आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या होने के बावजूद जिला को पेसा कानून से अलग रखा गया है। इससे आदिवासियों को काफी नुकसान पहुंचेगा। विजय भोक्ता, आदिवासी एकत...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.