लोहरदगा, फरवरी 28 -- लोहरदगा, दीपक मुखर्जी। झारखंड के सबसे छोटा जिला लोहरदगा का पेशरार प्रखंड आजादी के 78 साल बाद भी आवागमन की समुचित सुविधाओं से वंचित है। इस प्रखंड के तीन पंचायत रोरद, हेसाग और तेइमूपाठ की लगभग 35 से 38 हजार आबादी बसती है। बरसात में प्रखंड मुख्यालय से पूरी तरह कट जाते हैं। यही नहीं थोड़ी सी बारिश होने पर भी तीन पंचायत के 50 गांवों और लगभग 20 बड़े टोला के ग्रामीण उधर ही रह जाते हैं। दरअसल पेशरार थाना और प्रखंड मुख्यालय से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित ओनेगड़ा नदी में पुल नहीं बनने के कारण इन गांव में विकास का पहिया थम सा गया है। इस इलाके में कहीं भी अच्छी सड़के नहीं है। क्षेत्र में पुल- पुलियों का घोर अभाव है। वर्ष 2019 में लगभग दो करोड रुपए की लागत से पांच स्पेन वाला पुल बनाने की स्वीकृति झारखंड स्टेट रुरल रोड अथॉरिट...
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