नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने मंगलवार को नौसेना में लोअर डिवीजन क्लर्क (एलडीसी) की भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले में एक पूर्व भारतीय नौसेना अधिकारी समेत दो लोगों को दोषी ठहराते हुए तीन साल जेल की सजा सुनाई। विशेष सीबीआई जज ए. वी. खारकर ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया। फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि 2010 के इस मामले में अपराध गंभीर प्रकृति का था। अदालत ने कहा कि ऐसे अपराधों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। दोषी पाए गए दो व्यक्ति रामबीर रावत, जो एक कोचिंग सेंटर चलाता था, और रमेश सैनी, एक पूर्व नौसेना अधिकारी थे। उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करने का दोषी ठहराया गया। अदालत ने उन्हें तीन साल के कठोर कारावास (आरआई) की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 50,0...
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