लखनऊ, मई 10 -- सर्वाइकल कैंसर के इलाज में आयुर्वेदिक दवा भी कारगर है। पीपल, पाकड़, गूलर, बरगद और ट्यूलिप के पेड़ों की छाल से तैयार अर्क पंचवल्कल सीधे कैंसर कोशिकाओं पर हमला करेगा। खास बात यह है कि इस दवा का सेवन कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी व रेडियोथेरेपी के साथ भी किया जा सकता है। दावा है कि आयुर्वेदिक दवा एलोपैथिक के दुष्प्रभाव को भी कम करने में मदद करेगी। यह तथ्य टूड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद कॉलेज के पूर्व प्राचार्य डॉ. जेएन मिश्रा और पुणे की आरएसएच कैंसर रिसर्च लैब की डॉ. रुचिका कौल के अध्ययन में सामने आए हैं। इस अध्ययन को अंतरराष्ट्रीय जर्नल ऑफ एथनोफार्माकोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। यह जानकारी शनिवार को हजरतगंज स्थित नवचेतना केंद्र प्रेक्षागृह में पत्रकार वार्ता में डॉ. जेएन मिश्र ने दी। डॉ. जेएन मिश्र ने बताया कि पंचवल्कल में कैंसर ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.