वाराणसी, फरवरी 15 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के बौद्धिक संपदा अधिकार एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (आईपीआरटीटी) प्रकोष्ठ की तरफ से शनिवार को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने पेटेंट के बजाए प्रकाशन को प्राथमिकता देने के चलन को चिंताजनक बताया। कुलपति ने प्रकाशन की तुलना में पेटेंट के व्यावसायीकरण की चुनौतियों और 'वैली ऑफ डेथ' की अवस्था का उल्लेख करते हुए उद्योग-शैक्षणिक साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने विश्वविद्यालयों को नवाचार एवं उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित करने में बौद्धिक संपदा अधिकारों की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों और शोधार्थियों को बौद्धिक संपदा संरक्षण और संकाय उद्यमिता के प्रति जागरूक करना था। आईपीआरटीटी प्रकोष्...