पटना, दिसम्बर 17 -- प्रेमचंद रंगशाला में रेनबो, रोहतास के द्वारा मुंशी प्रेमचंद द्वारा लिखित 'पूस की रात' कहानी का नाट्य मंचन बुधवार को किया गया। अजीत कुमार के निर्देशन में इस नाटक ने सभी दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस कहानी में हल्कू और उसकी पत्नी मुन्नी के जीवन संघर्ष को दर्शाती जिसमें वे अपना जीवनयापन जैसे-तैसे करता था। कर्ज में डूबा हल्कू के पास ठंड से बचने के लिए कंबल तक नहीं था। वह ऐसे ही खेत की रखवाली करता था। एक दिन नीलगाय ने फसल को नष्ट कर दिया। हल्कू को फसल नष्ट होने का दुख तो था, लेकिन वह यह सोचकर खुश हो रहा था कि उसे ठंड में अब खेत की रखवाली नहीं करनी पड़ेगी। यह कहानी एक किसान की गरीबी, विवशता और व्यवस्था की क्रूरता को दर्शाता है। कलाकारों ने नाटक के दृश्य को ऐसे प्रस्तुत किया मानो जैसे यह घटना आंखों के सामने हो रही हो। कलाका...
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