देहरादून, अक्टूबर 25 -- पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने एक बार फिर ब्राह्मण राग छेड़ा है। सोशल मीडिया पर ब्राह्मणों की भूमिका पर सामने आए उनके एक बयान ने पार्टी के भीतर और बाहर हलचल मचा रखी है। बयान के कई राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस दीवाली के बाद दुनिया में और बड़े पैमाने पर धूम-धड़ाका, युद्ध, मिसाइलें, और बरबादियां देखने को मिलेंगी। भारत में एक अनचाहा तनाव, असहिष्णुता निरंतर बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। भाजपा की राजनीति ने भारत के स्वाभाविक सनातनी मिजाज को बदल दिया है। देश की आजादी से पहले भी और आजादी के बाद भी उदार ब्राह्मण वादिता के हाथ में देश की राजनीति और समाज का संचालन रहा। कुछ कमियां थी, मगर राजनीति में सौहार्द व उदारता थी। आज उस उदारता को फिर से खोजने की आवश्यकता है। उत्तराखंड ...
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