प्रयागराज, जुलाई 27 -- सरहद पर युद्ध लड़े और विजयी हुए, अब देश के अंदर भी लड़ना है। शहीद और वीर नारियों की मदद करनी होगी। पूर्व सैनिकों ने शनिवार को विजय दिवस पर तपोवन पार्क में यह संकल्प लिया। वीर सेनानी पूर्व सैनिक कल्याण समिति की ओर से आयोजित बैठक में पूर्व सैनिकों ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी सैनिक ही होते हैं। सेना में जाने के लिए जो शपथ लिया उसे आज भी निभाना पड़ेगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि देश के अंदर विदेशी षड्यंत्र से समस्याएं पैदा होती हैं, इसलिए पूर्व सैनिकों को सजग रहना होगा। बैठक में मौजूद कारगिल युद्ध के नायकों ने 1999 के उन दिनों को याद किया जब पड़ोसी मुल्क ने धोखे से देश पर हमला कर दिया। दुश्मन देश की सेना पूरी तैयारी करके हिम क्षेत्र में आए। फिर भी भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जनाब दिया। भारतीय सेना की बहादुरी ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.