हमीरपुर, जनवरी 10 -- भरुआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था के तत्वावधान में महान देशभक्त डॉ.संपूर्णानंद की पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने कहा कि डॉ.संपूर्णानंद सही अर्थों में एक सच्चे देशभक्त थे। देश के प्रति उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। संपूर्णानंद का एक जनवरी 1889 को वाराणसी में मुंशी विजयानंद और आनंदी देवी के घर जन्म हुआ था। आजादी के संघर्ष में असहयोग आंदोलन से सविनय अवज्ञा आन्दोलन तथा भारत छोड़ो आंदोलन तक ये पांच साल जेल में बंद रहे। इन्हें संस्कृत, उर्दू तथा फारसी का अच्छा ज्ञान था। ये एक अच्छे साहित्यकार थे, जिन्होंने 45 पुस्तकें लिखी। आजादी के बाद ये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। कालांतर में इनका 10 जनवरी 1969 में निधन हो गया। इस कार्यक्रम में अशोक अवस्थी, सिद्धा, प...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.