हजारीबाग, फरवरी 13 -- हजारीबाग, हमारे प्रतिनिधि। हजारीबाग के पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने बैंकों की निजीकरण की नीति और बैंक कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाया है। मार्च 2021 में बैंकिंग सुधारों और निजीकरण के विरोध में हुई देशव्यापी हड़ताल के दौरान उन्होंने सरकार की आलोचना की। निजीकरण का विरोध करते उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के फैसले को जनविरोधी बताया। उन्होंने कर्मचारियों का समर्थन करते हड़ताल कर रहे बैंक कर्मियों के आंदोलन को जायज ठहराया और उनके साथ एकजुटता प्रदर्शित की। हजारीबाग में एक सभा के दौरान उन्होंने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा था कि उनका विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक है और इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार की आलोचना करते आरोप लगा...