वाराणसी, फरवरी 19 -- वाराणसी। दिल की बीमारी से वयस्क ही नहीं, बच्चे भी जूझ रहे हैं। एक आंकड़े के मुताबिक पूर्वांचल में बीते एक वर्ष में जन्मे करीब 11 हजार बच्चे हृदय रोग से ग्रस्त हैं। इनमें ज्यादातर के दिल में छेद और वॉल्व खराब होने की परेशानी है। माता-पिता लक्षण पहचान नहीं पाते, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआत में इलाज से 70 प्रतिशत तक उम्मीद रहती है कि बीमारी पूर्णरूप से ठीक हो जाए। आईएमएस बीएचयू के पीडियाट्रिक कॉर्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रतिभा राय ने बनारस, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, जौनपुर सहित पूर्वांचल के 17 जिलों का डाटा तैयार किया है। उन्होंने बताया कि एचआईएमएस (स्वास्थ्य प्रबंधन सूचना प्रणाली) के तहत एक जिले में हर साल औसतन 70 हजार संस्थागत प्रसव हो रहे हैं। इस हिसाब के पूर्वांचल के 17 जिले और आसपास के प्रदेश के कुछ जिले...
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