पूर्णिया, दिसम्बर 18 -- पूर्णिया। पूर्णिया रेलवे जंक्शन 138 साल का हो चुका है। सन 1887 से अस्तित्व में आया पूर्णिया जंक्शन दशकों नहीं सदियों तक उपेक्षित रहा। अब जाकर रेलवे जंक्शन की सूरत और सीरत बदलने लगी है। हालांकि, रेल सफर करने वालों को अभी भी ट्रेनों की मनमाफिक सुविधा नहीं दी गयी है। मगर अब रेल यात्रियों को ध्यान में रखते हुए जंक्शन को अपग्रेड करने का काम किया जा रहा है। पूर्णिया रेलवे जंक्शन एटीवीएम (आटोमेटिक टिकट वेंडिग मशीन) लगने के बाद रेल यात्री को टिकट लेने में सुविधा मिल गयी है। दशकों से चार कर्मियों के भरोसे पूर्णिया रेलवे जंक्शन की हो रही साफ-सफाई की सुविधा भी अब मेनुअली के बजाय मेकेनाइज्ड हो गयी है। प्लेटफॉर्म का एक्सटेंशन किया गया है। इसके बाद अब एसी कोच प्लेटफॉर्म से बाहर नहीं लगता है। सीमांचल के चार रेलवे स्टेशन पूर्णिया,...