नई दिल्ली, जनवरी 20 -- पिछले महीने 14 दिसंबर को जब कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नितिन नवीन के नाम का एलान हुआ था, तभी लग गया था कि भाजपा पीढ़ीगत बदलाव की ओर कदम बढ़ा चुकी है। मंगलवार को पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में नवीन की ताजपोशी के साथ इसकी तस्दीक भी हो गई। जाहिर है, इस बदलाव के गहरे निहितार्थ हैं। महज 45 साल की उम्र में पार्टी के सर्वोच्च पद पर उनके चुनाव से देश भर के युवा कार्यकर्ताओं को यह संदेश गया होगा कि भाजपा नौजवानों की सोच को भरपूर अहमियत देती है और आने वाले दिनों में पार्टी के पास उनके लिए बहुत सारे अवसर हैं। देश की सबसे बड़ी पार्टी ने इससे पहले राज्यों में सरकार के नेतृत्व के लिए भी नए व कमउम्र नेताओं को प्राथमिकता देकर युवाओं को खुद से जोड़ा है। युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के बाद भाजपा अब ज्यादा मजबूती से यह दावा कर सकती...
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