प्रयागराज, फरवरी 9 -- प्रयागराज, कार्यालय संवाददाता। प्रभु के चरणों से मिले पुष्प से जीवन रक्षक दवाएं बनाई जा रही हैं। साथ ही सौंदर्य भी महका रहे हैं। जी हां, सही पढ़ा आपने, क्योंकि पूजा-पाठ में उपयोग होने वाले पुष्प अब केवल आस्था का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और सौंदर्य का भी आधार बन रहे हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी की प्रो. शांथि सुंदरम और नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आदि नाथ के नेतृत्व में मंदिरों से निकलने वाले पुष्पों पर शोध कर हर्बल औषधि, सौंदर्य उत्पाद और जैव ऊर्जा से जुड़े प्रभावी उत्पाद विकसित किए हैं। डॉ. आदि नाथ ने बताया कि शोध में गेंदा, गुलाब, गुड़हल, धतूरा, मदार, कनेर, तुलसी, कमल, पलाश, बिल्व पत्र सहित कई पवित्र पौधों की जैव क्षमता का परीक्षण किया गया। ड...
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