प्रयागराज, नवम्बर 23 -- डॉ. रामकुमार वर्मा ट्रस्ट की ओर से साकेत व्याख्यानमाला के तहत बैंक रोड स्थित रामकुमार वर्मा के आवास पर रविवार को पुरातत्त्वविद् एवं मुद्राशास्त्री डॉ. ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव का 'प्राचीन भारतीय इतिहास: नवीन विमर्श' विषयक व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता ने प्राचीन भारतीय इतिहास में अब तक स्वीकृत अनेक तथ्यों को पुरातात्त्विक साक्ष्यों के आलोक में संशोधित किया तथा अनेक नवीन तथ्यों की स्थापना करते हुए कहा कि कोई भी ज्ञान कभी भी अंतिम नहीं होता, उसमें नई संभावनाएं सदैव बनी रहती हैं। शोधार्थियों को इस दृष्टि से ही चिंतन करते हुए अपने शोध को आगे बढ़ाना चाहिए। डॉ. श्रीवास्तव ने पुरातात्त्विक प्रमाणों के जरिये स्थापित किया कि पुष्यमित्र का वंश 'बैम्बिक' था, शुंग नहीं। साथ ही महाकवि कालिदास ईसा पूर्व द्वितीय शताब्दी म...