उरई, फरवरी 8 -- कुसमिलिया। किसान राजेंद्र कुमार ने बताया लौकी, करेला व कद्दू की फसल कर्ज लेकर लगाई थी। मौसम के साथ देने की वजह से फसल भी काफी अच्छी हुई थी, लेकिन बेतवा नदी पर मुहाना चिकासी पुल बंद होने से अरमानों पर पानी फेर दिया। किसान मलखान ने बताया कि नदी के किनारे सब्जी बोई थी, फसल अच्छी होने की वजह से सोचा था कि इस बार आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी और उन्हें काम के लिए मजदूरी नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन पुल बंद होने से सब बेकार हो गया। उन्हें घर का खर्च चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ेगी। ---- उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा कुसमिलिया। किसान श्रीचंद्र ने बताया कि जिले में सब्जी की खेती बहुतायत में होती है। बेतवा नदी का पुल बंद होने से समय से उरई मंडी नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे मेहनत करने के बाद भी उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। --- औने-पौने दामों ...
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