रांची, जनवरी 9 -- रांची, विशेष संवाददाता। राज्य के विभिन्न जिलों में पुल-पुलिया के ध्वस्त होने के मामलों में दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सुनवाई के बाद राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इसमें अगली सुनवाई 16 फरवरी को रखी गई। प्रार्थी पंकज यादव द्वारा अदालत को बताया गया कि कई जिलों में लगातार पुल-पुलिया गिरने की घटनाएं हुई हैं। जामताड़ा जिले में चार पुल ध्वस्त हो गए। खूंटी में भी कई पुल टूट चुके हैं। प्रार्थी ने यह भी बताया कि सभी पुल ग्रामीण विकास विभाग द्वारा बनाए गए थे और उस समय विभाग के प्रभारी अभियंता प्रमुख वीरेंद्र राम थे। पुल निर्माण की गुणवत्ता की समुचित जांच नहीं होने से ही ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है।

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