भभुआ, जून 24 -- जमादार की मंशा को भांप थानेदार ने चेयरमैन का नाम लेकर हड़काया आंदोलनकारियों को पकड़ते ही पिटाई कर देता था तत्कालीन जमादार (आपातकाल) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। आपातकाल में आंदोलन के दौरान पुलिस ने अपने सूचना तंत्र को मजबूत कर दिया था। पुलिस छात्र संघर्ष समिति के कोषाध्यक्ष रहे भभुआ के चूरण सिंह को तलाश रही थी। वह 28 सितंबर 1975 को खादी भंडार के सामने प्रभात स्टूडियो में फोटो खींचवाने के लिए बैठे थे। पुलिस के जासूस ने थाने को सूचना दे दी। सैय्यद जमादार वहां पहुंचा। दोनों की नजरें मिली। वह उसे चकमा देकर वहां से भाग गए। घर पहुंचे तो सैय्यद भी पीछे से आ गया। उसने दरवाजा तोड़वा दिया। वहां भी वह पुलिस की पकड़ में नहीं आए। इससे जमादार खार खाए हुए था। चूरण सिंह पूरब पोखरा स्थित नगरपालिका के तत्कालीन चेयरमैन प्रभुनाथ सिंह के घर पहुंच गए।...
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