प्रयागराज, दिसम्बर 1 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि पुलिस थानों में काम करने वाले अंशकालिक सफाईकर्मी भी न्यूनतम मजदूरी के हकदार हैं। अधिनियम 1948 के तहत उन्हें तय वेतन का अधिकार है। भले ही उनकी नियुक्ति अस्थायी या पार्टटाइम आधार पर ही क्यों न हो। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2019 के सरकारी आदेश से तय किया गया 1,200 प्रतिमाह का मानदेय भ्रमात्मक है और यह वैधानिक अधिकारों को खत्म नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने ललितपुर के मदनपुर और बर्रार नरहट थानों में कार्यरत सफाईकर्मी गोविंदास व कौशला की याचिका स्वीकार करते हुए पुलिस महानिदेशक समेत अधिकारियों को आदेश दिया कि याचियों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के अनुसार वेतन दिया जाए और नियुक्ति की तिथि से बकाया राशि भी अदा की जाए। याचियों का कहना था कि वे जुलाई 2022 से वे सुबह सात से शाम सात...
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