पटना, दिसम्बर 17 -- पटना, विधि संवाददाता। पटना हाई कोर्ट ने अररिया जिले के एक हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे विजय कुमार यादव उर्फ विवेक उर्फ गोलू को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि पुलिस के समक्ष अपराध को कबूल करने पर किसी को दोषी करार देते हुए सजा देना कानून गलत है। पुलिस के समक्ष स्वीकारोक्ति बयान भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 और 26 के तहत स्वीकार्य नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति बिबेक चौधरी और न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान की खंडपीठ ने विजय कुमार यादव उर्फ विवेक उर्फ गोलू की ओर से दायर आपराधिक अपील पर सुनवाई के बाद अपना फैसला दिया। मामला दिसंबर 2016 का है। पुलिस ने एक अज्ञात शव बरामद किया। जिसकी पहचान नियाज अहमद के रूप में हुई। जांच के दौरान मृतक के एटीएम कार्ड से पैसे निकालने, आभूषण खरीदने की बात सामने आई। पुलिस ने आवेदक विजय को गि...
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