मुजफ्फरपुर, मार्च 1 -- मुजफ्फरपुर। बिहार पुलिस और अन्य विभागों के कर्मचारियों के कंधे से कंधा मिलाकर काम करने वाले होमगार्ड जवानों की स्थिति बदहाल है। अपनी वर्दी के रखरखाव के लिए भी साथ में काम करने वाले पुलिसकर्मियों के समान भत्ता नहीं मिलता, जबकि कोर्ट का आदेश है कि समान काम के लिए से समान वेतन मिले। इस आदेश के आधार पर होमगार्ड जवानों को अपने अन्य सहकर्मियों की तरह वेतन नहीं मिल पा रहा है। विभागों में जिस पद पर होमगार्ड वर्षों से कार्यरत हैं, उसी पद पर होने वाली बहाली में उनके लिए सीट के आरक्षण का प्रावधान तक नहीं है। वर्षों से जिलों में लगने वाली आग बुझाते रहे हैं, लेकिन इनके पेट की आग को कौन बुझाए? होमगार्ड जवानों ने जिला से लेकर राजधानी तक कई बार आंदोलन भी किया, लेकिन उनकी फरियाद फाइलों में ही दम तोड़ देती है। थानों और पुलिस ऑफिस में ...
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