वाराणसी, जनवरी 13 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू स्थित अंतर सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र और मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र की तरफ से मंगलवार को 'पुर्तगाल में भारतीय ज्ञान परंपरा' विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान हुआ। मुख्य अतिथि भारतीय अध्ययन केन्द्र लिस्बन विश्वविद्यालय (पुर्तगाल) के प्रो. शिव कुमार सिंह ने बताया कि योग, आयुर्वेद और संस्कृत वाङ्मय का ज्ञान भारत से पुर्तगाल पहुंचा और वहां से यूरोप के अन्य देशों में प्रसारित हुआ। उन्होंने पुर्तगाली महाकाव्य उश लूज़ियदश, वास्कोडिगामा, पेरो वाज डा कोविल्हा, गार्सिया दे होर्ता तथा जोसे सारामागो के संदर्भों के माध्यम से वैश्विक ज्ञान-विनिमय को रेखांकित किया। स्वागत वक्तव्य मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र समन्वयक प्रो. संजय कुमार और धन्यवाद ज्ञापन अंतर सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र के समन्वयक प्रो. राजकुमार ...