लखनऊ, नवम्बर 21 -- ओवरलोडिंग मामला लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। राजधानी में ओवरलोडिंग के मामलों में आरटीओ अधिकारियों के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई के बीच, उत्तर प्रदेश ऑटो लोडर संयुक्त कल्याण समिति ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। समिति ने मांग की है कि ओवरलोडिंग के नाम पर वसूली और ट्रांसपोर्टरों का शोषण एक पुरानी समस्या है, इसलिए लखनऊ और संभाग में तैनात रहे पुराने अधिकारियों के कार्यकाल की भी जांच होनी चाहिए। शुक्रवार को, समिति के सदस्यों ने परिवहन मंत्री के आवास पर प्रदर्शन करने की कोशिश की और ज्ञापन देना चाहा, लेकिन उन्हें वहां जाने नहीं दिया गया। समिति के जिला महामंत्री मनीष पाल ने बताया कि बड़ी गाड़ियों से ओवरलोडिंग के नाम पर वसूली की जाती रही है, और छोटी गाड़ियों पर भी अनावश्यक दबाव बनाया जाता है। कई छोटी गाड़ियों पर 90-90 हजार रुपये तक के चालान...