किशनगंज, जून 13 -- टेढ़ागाछ, एक संवाददाता। नेपाल से निकलकर भारतीय सीमा में प्रवेश करने वाली रतवा नदी टेढ़ागाछ के विभिन्न क्षेत्रों के तटीय इलाकों में हर वर्ष भारी तबाही मचाती है। रतवा नदी भारत में सबसे पहले भोरहा पंचायत के पुराना टेढ़ागाछ में पहुंचती हैं। पहाड़ी इलाकों से मैदानी इलाकों में आते आते इस नदी का वेग काफी तीव्र हो जाती है, जिस कारण टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के मैदानी इलाकों में काफी तेज कटाव होना शुरू हो गया है। विगत कुछ वर्षों से नदी द्वारा पुराना टेढ़ागाछ में कटाव काफी तेज होने से सड़क धीरे धीरे नदी में विलीन होती जा रही है। नदी की दूरी गांव से केवल दो हाथ की दूरी पर ही रह गई है। जलस्तर घटने-बढ़ने के साथ कटाव के डर से ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं। स्थानीय समाजसेवी भीष्म प्रसाद का कहना है कि बाढ़ के समय हमारा गांव किसी पिकनिक स्पॉट स...
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