वाराणसी, दिसम्बर 10 -- वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग स्थित ज्ञान लैब में बुधवार को भारत में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के जनक और बीएचयू के पूर्व कुलपति पद्मश्री डॉ. लालजी सिंह की आठवीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस मौके पर शिक्षकों, वैज्ञानिकों और शोध छात्रों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा में जंतु विज्ञान के प्रो. रजनीकांत मिश्र ने कहा कि डॉ. लालजी सिंह ने भारत को डीएनए फिंगरप्रिंटिंग की स्वदेशी तकनीक देकर न केवल अपराधियों को सजा दिलाई, बल्कि मासूमों को बरी भी कराया और वन्यजीवों को बचाने का वैज्ञानिक हथियार दिया। उनके विजनरी होने का फायदा बीएचयू को मिला जो आज भी परिलक्षित होता है। डॉ. राघव मिश्र ने उनके शोध कार्यों को याद किया। ज्ञान लैब के संयोजक प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे ने डॉ. सिंह के जीवन-कार्य को याद किया...