नई दिल्ली, फरवरी 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में पुणे में पोर्शे कार दुर्घटना मामले में तीन आरोपियों को सोमवार को जमानत दे दी। हादसे में दो लोगों की जान चली गई थी। अदालत ने यह भी कहा कि नाबालिगों से जुड़ी ऐसी घटनाओं के लिए माता-पिता ही जिम्मेदार हैं। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की पीठ ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को काबू में रखने में सक्षम नहीं हैं। पीठ ने कहा कि नशीली दवाओं का सेवन एक अलग मसला है, लेकिन उन्हें (बच्चों को) कार की चाबियां और मौज-मस्ती करने के लिए पैसे देना अस्वीकार्य है। अदालत ने 23 जनवरी को आरोपी अमर संतिश गायकवाड़ और सात जनवरी को दो अन्य आरोपी 52 वर्षीय आदित्य अविनाश सूद, 37 वर्षीय आशीष सतीश मित्तल की जमानत के अनुरोध पर महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा था। गायकवाड़ पर आरोप है कि वह मामले में ए...