फिरोजाबाद, मार्च 19 -- जसराना, दिहुली नरसंहार के 44 सालों को परिवारों ने न्याय की आस में काटा और कई बार लगा कि न्याय उनके हाथ से निकलता जा रहा है लेकिन कोर्ट पर पूरा भरोसा था इसलिए वे डिगे नहीं और कभी मैनपुरी तो कभी इलाहाबाद तक की लड़ाई लड़ी। आखिरकार तीन आरोपियों को जैसे ही फांसी की सजा मिलने की सूचना दिहुली गांव में आई तो होली के त्योहार के बाद पीड़ित परिवारों को दीपावली जैसी अनुभूति करा गई। परिवारों ने फूल मंगाए और बाबा साहेब की मूर्ति पर पहुंचकर बरसाते हुए कहा कि आज के दिन का लम्बा इंतजार किया। अब अपनों के खोने के बाद हत्यारों को मिली सजा से चैन की नींद आएगी। हाल ही में मैनपुरी कोर्ट में स्पेशल जज ने तीनों हत्यारोपियों को दोषी ठहराया और सजा को सुरक्षित कर दिया था। सजा होली के बाद सुनाई जानी थी। 44 सालों से गांव में कभी इस हत्याकांड में...
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