लखनऊ, जनवरी 19 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार से लखनऊ में शुरू हुए 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन और सचिवों के 62वें सम्मेलन पर दिए संदेश में कहा है कि बहस और चर्चा लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह पारदर्शिता, निष्पक्षता और अलग-अलग विचारों के प्रति सम्मान व गरिमा को बढ़ावा देते हैं। प्रधानमंत्री ने संदेश में कहा है कि अध्यक्ष और पीठासीन अधिकारी सदन में मर्यादा व शालीनता बनाए रखते हुए विधायी नियमों, प्रक्रियाओं का पालन करते हुए प्रभावी कामकाज करते हैं। निष्पक्ष और व्यवस्थित कामकाज को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह देखकर खुशी होती है कि यह राष्ट्रीय सम्मेलन हमारे संसद द्वारा आयोजित राष्ट्रमंडल के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन के समापन के बाद हो रहा है। उन्होंने संदेश मे...